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भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए नेक सलाह

Posted On: 18 Dec, 2017 Politics में

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पार्टी के उच्च पदों पर आसीन कार्यकर्ताओं को भी पूरे वर्ष स्वयं एक्टिव रहना चाहिए और अपने अधीनस्थ कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते रहना चाहिए. ताकि मतदाता सूचियों में विसंगतियां न रह पायें और पार्टी उम्मीदवार सदैव अपनी जीत के लिए आश्वस्त बने रहें


BJP


पार्टी कोई भी हो पार्टी कार्यकर्ता का उद्देश्य होता है, अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार अधिक से अधिक मतों से विजयी हो. आमतौर पर सभी पार्टी के कार्यकर्ता सिर्फ धन के लिए कार्य करते हैं या कार्य के बदले पारिश्रमिक भी प्राप्त करते हैं. यदि कोई अपनी पार्टी का पदाधिकारी है, तो उसकी मजबूरी है पार्टी के उम्मीदवार को जिताने के लिए प्रयासरत रहे, बदले में उसे कुछ मिले या न मिले.


परन्तु भाजपा कार्यकर्ता के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है, वे पूरी तरह से अपनी पार्टी के लिए निस्वार्थ रूप से समर्पित रहता है. वह बिना किसी लालच के अपने चुनाव कार्यों को अंजाम देता है. कभी कभी आवश्यकता पड़ने पर यथाशक्ति खर्च भी अपनी जेब से कर देता है. परन्तु यह भी सत्य है भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्त्ता के समर्पण भाव का अवांछित लाभ उठाते हैं.


यही वजह है जब भी कर्मठ कार्यकर्ता को उसके समर्पण भाव का इनाम (लाभ) देने का समय आता है, तो उसकी भरपूर उपेक्षा की जाती है. उसको यथोचित सम्मान भी नहीं दिया जाता. पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से परिचय तक नहीं कराया जाता और कार्यकर्त्ता जीवन भर अनजान ही बना रहता है. कारण पदाधिकारी उन्हें आगे बढ़ने से रोके रखना चाहते हैं, ताकि हाई कमान के समक्ष उनकी छवि उच्च बनी रहे और पूर्णतया समर्पित कार्यकर्त्ता किसी उच्च पद पर आसीन न हो जाय.


अक्सर भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष देखा जा सकता है. इससे न केवल पार्टी की छवि ख़राब होती है, बल्कि उसे अनेक बार अपने असंतुष्ट कार्यकर्ताओं से ही चुनावो में चुनौती मिलती है और पार्टी उम्मीदवार की हार हो जाती है. अतः पार्टी हाई कमान को अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों पर तीव्र नजर रखना अनिवार्य है. पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्त्ता से स्वयं परिचय प्राप्त करें, आवश्यकतानुसार उसे उचित सम्मान देते रहें, चापलूसों से सावधान रहें. अन्यथा पार्टी को कभी भी बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है, जो देश और पार्टी दोनों के भविष्य के लिए दुखद होगा.


भा.ज.पा. कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वे चुनावों के अतिरिक्त भी शेष समय में अपना योगदान करें जो पार्टी की छवि को उजागर तो करेगा ही साथ ही उसके उम्मीदवार की विजय भी सुनिश्चित हो सकेगी. पार्टी कार्यकर्ताओं को समय-समय पर (कम से कम छः माह में एक बार) मतदाता सूची को अपडेट करने का प्रयास करना चाहिए.


मतदाता सूची को अपडेट करने के कार्य को सरकारी कर्मचारी या सरकारी सिस्टम के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए. उसे घर घर जाकर वोट का सत्यापन करना चाहिए. जो नए  वोट बनने है उन्हें विधि सम्मत वोट बनवा कर दें. प्रत्येक घर जाकर वोट की स्थिति की जानकारी प्राप्त करे, यह सुनिश्चित करे मतदाता सूची में मतदाता का परिचय त्रुटिपूर्ण न हो. स्थानांतरित हुए मतदाता की जानकारी लें, जो व्यक्ति दुनिया से चले गए उनकी जानकारी प्राप्त करें, आवश्यकता होने पर नगर निगम से उक्त समय में दिवंगत लोगो की जानकारी ली जा सकती है.


बूथ लेवल ऑफिसर के सहयोग से सूची संशोधन के कार्य को अंजाम दें, ताकि चुनावों के समय मतदाता को कोई असुविधा न हो. इस प्रयास से एक तो चुनावों के समय जनता को अधिक सुविधा रहेगी और कार्यकर्ता का जनता से सीधे संपर्क बना रहेगा, जिससे पार्टी और कार्यकर्त्ता की जनता में छवि बनी रहेगी. पार्टी के उच्च पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं की आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए तैयार रहना चाहिए और कर्मठ कार्यकर्ताओं को समय-समय पर सम्मान और पारितोषिक की व्यवस्था भी करनी चाहिए.


पार्टी के उच्च पदों पर आसीन कार्यकर्ताओं को भी पूरे वर्ष स्वयं एक्टिव रहना चाहिए और अपने अधीनस्थ कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करते रहना चाहिए. ताकि मतदाता सूचियों में विसंगतियां न रह पायें और पार्टी उम्मीदवार सदैव अपनी जीत के लिए आश्वस्त बने रहें. यह भी महत्वपूर्ण है चुनाव लड़ने के लिए ऐसे उम्मीदवार का चयन करें, जो पार्टी का जाना पहचाना कर्मठ कार्यकर्त्ता रहा हो और जीतने के पश्चात् जनता के हितों के लिए परिश्रम कर सकता हो, ईमानदार हो, चरित्रवान हो, जनता में स्वच्छ छवि रखता हो. यदि पार्टी के उच्च पदों पर आसीन पदाधिकारी अपने कार्यों को ईमानदारी से अंजाम दें, तो वह दिन दूर नहीं जब देश भाजपा के माध्यम से विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होगा.

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